कभी कभी दो अलग चीजें अलग अलग जगह होती हैं और जब उनसे अलग अलग जगहों पर मिलते हैं तो लगता है जैसे उतनी अलग बातें नहीं हैं बस अलग रहने मात्र से ही जो अंतर आया है इससे लग रहा ये दो एक ही जैसी चीजें अलग अलग हैं। पर कितना सच है न जो अलग-अलग चीजें अलग-अलग रहकर भी एक जैसे, एक ही सकते हैं और कभी एक सी चीज़ें एक जगह पर भी अलग-अलग रहतीं हैं। इतनी अलग की पीठ और पेट के बीच जैसी दूरी हो जाती है। बाकी अभी सुबह के चार बजने वाले हैं और लैपटॉप पर यूट्यूब सजेशन में गाना चल पड़ा है....जाने तेरे शहर का क्या इरादा है, आसमान कम परिंदें ज़्यादा है...
#different #ishq #love #waiting #bozo #bozokikalam
No comments:
Post a Comment